कैराना एक ही पीड़ित पर दोबारा फायरिंग, क्या स्थानीय पुलिसिंग पर उठ रहे सवाल?
सख़्त निर्देशों के बावजूद अपराधियों के हौसले क्यों बुलंद
कैराना।
कैराना कोतवाली क्षेत्र के गांव तितरवाड़ा में बदमाशों द्वारा एक ही युवक को दो बार निशाना बनाए जाने की घटना ने क्षेत्रीय कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामले में दो बाइक सवार आधा दर्जन युवकों ने पीड़ित युवक के घर पहुंचकर अवैध हथियारों से फायरिंग की, जिससे गांव में दहशत फैल गई। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद बताई जा रही है।
पीड़ित युवक सरवर के अनुसार, 31 दिसंबर को भी उसी पर फायरिंग की गई थी, जिसमें वह घायल हुआ था। उस घटना के बाद मुकदमा दर्ज कराया गया, लेकिन इसके बावजूद आरोपियों के हौसले इतने बढ़े रहे कि उन्होंने दोबारा उसी युवक को उसके घर जाकर निशाना बना डाला।Facebook 657527350723695(720p)
बड़ा सवाल: क्या ज़मीनी स्तर पर निगरानी में कमी?
शामली पुलिस अधीक्षक द्वारा अपराधियों के खिलाफ लगातार सख़्त निर्देश जारी किए जाते रहे हैं और ज़िले के कई क्षेत्रों में इनका असर भी दिखाई देता है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि एक ही पीड़ित पर बार-बार हमला होना क्या स्थानीय स्तर पर निगरानी और प्रभावी कार्रवाई की कमी की ओर इशारा करता है?
सूत्रों की मानें तो आरोपी युवक एक चर्चित गिरोह से जुड़े बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद खुलेआम फायरिंग की घटना यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या संवेदनशील मामलों में समय रहते कड़ी निगरानी और निरोधात्मक कार्रवाई की गई थी या नहीं।
प्रशासन से अपेक्षा
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले हमले के बाद प्रभावी सुरक्षा, निगरानी और त्वरित कार्रवाई की जाती, तो शायद दूसरी घटना रोकी जा सकती थी। अब निगाहें ज़िला पुलिस प्रशासन पर हैं कि वह इस पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा कर दोषियों के साथ-साथ लापरवाही के हर पहलू को भी देखे।
पुलिस का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।