पावटी गोगवान और आसपास के इलाक़ों में बिजली का अघोषित ब्लैकआउट
“हल्की सी आँधी — 24 से 72 घंटे तक बिजली ग़ायब!”
शामली ज़िले के पावटी गोगवान और पूरे आसपास के ग्रामीण इलाक़ों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में है। हालात यह हैं कि ज़रा-सी आँधी आते ही बिजली सप्लाई 24 घंटे नहीं, बल्कि 48 से 72 घंटे तक गायब कर दी जाती है।
एक तरफ़ उत्तर प्रदेश सरकार स्मार्ट बिजली, स्मार्ट मीटर और 24 घंटे सप्लाई की बातें करती है, वहीं ज़मीनी सच्चाई इससे बिल्कुल उलट नज़र आ रही है।
आँधी नहीं, बहाना बनती है बिजली कटौती
ग्रामीणों का कहना है कि
हल्की आँधी या बारिश का नाम आते ही
पूरे इलाके की सप्लाई एक साथ काट दी जाती है
और फिर दिन-दिन भर बिजली बहाल नहीं होती
सबसे हैरानी की बात यह है कि न कोई पूर्व सूचना, न कोई आधिकारिक कारण बताया जाता है।
गंभीर सवाल उठ रहे हैं
अब इलाके में कुछ तीखे सवाल गूंज रहे हैं—
❓ क्या शामली की बिजली कहीं और बेची जा रही है?
❓ क्या ग्रामीण इलाक़ों की सप्लाई जानबूझकर रोकी जाती है?
❓ स्मार्ट मीटर सिर्फ़ बिल वसूली के लिए हैं, सुविधा के लिए नहीं?
❓ क्या बिजली विभाग जवाबदेह नहीं रहा?
जनजीवन बुरी तरह प्रभावित
बिजली न रहने से—
मोबाइल नेटवर्क ठप
पानी की मोटरें बंद
दुकानदार, छात्र, किसान और बुज़ुर्ग सभी परेशान
गर्मी और उमस में हालात बदतर
ग्रामीणों का कहना है कि शहरों में बिजली चलती रहती है, लेकिन गांव अंधेरे में छोड़ दिए जाते हैं।
प्रशासन से मांग
पावटी गोगवान और आसपास के गांवों के लोगों की मांग है कि—
बिजली कटौती का स्पष्ट जवाब दिया जाए
बार-बार की जा रही लंबी कटौती पर जांच हो
और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई तय की जाए
✍️ NDUP सवाल पूछता है:
जब सरकार स्मार्ट बिजली का दावा करती है,
तो शामली के गांव अंधेरे में क्यों हैं?
आख़िर यह बिजली जा कहाँ रही है?
— रिपोर्ट: NDUP, शामली